
सरकार निभायेगी जमिनीस्तर पर सूशिक्षीत बेरोजगार तथा जनता के प्रती अपना दायित्व.? सरकार द्वारा अरो रुपयें विज्ञापन पर खर्च कर रही है। स्किल ईडींया,मुद्रा लोन जैसे स्किम पर। पर क्या वह सुशिक्षित बेरोजगार तक सही मायने पहुच पाती है। ? राज्य सरकार द्वारा महामंडलोंको बरखास्त कर चूकी है। जो की सुशिक्षित बेरोजगार को मध्यस्ती कर बेंक को कागज भेजकर लोन के लिये मदत होती थी। पर आज बैंको द्वारा सुशिक्षित बेरोजगारों का शोषण किया जाना तय है। क्या सरकार शासकीय योजना के प्रती सजक है। ? सरकार का वाणिज्य विभाग खूद संज्ञान लेता है। ? क्या योजनायें सिर्फ कागजोंमे ही दफन रहेगी।? जनता की पुकार सूने सरकार,नवयूवक की और जातीसे ध्यान दे सरकार। बेंक टार्गेट पुरा न होने पर बेंक को पेनाल्टी दे सकती है सरकार।? हर टपके से ऊठ रही है आवाज,जवाब दे सरकार।



